वैदिक विज्ञान-परम्परा का इतिहास भौतिक, रसायन, वनस्पति एवं चिकित्सा विज्ञान के परिप्रेक्ष्य में

Authors

  • Rameshwar Pandey

Keywords:

प्राचीन ज्ञान; वैदिक; रसायन विज्ञान; भौतिकी; वनस्पति विज्ञान; चिकित्सा विज्ञान ।

Abstract

इस शोध पतà¥à¤° में, लेखक ने वैदिक विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ परंपरा के à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• संदरà¥à¤­ पर विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से पà¥à¤°à¤•ाश डाला है, लेखक इस बात पर पà¥à¤°à¤•ाश डालता है कि कैसे वैदिक विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ का इतिहास आधà¥à¤¨à¤¿à¤• विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की विभिनà¥à¤¨ शाखाओं जैसे भौतिकी, रसायन विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ और चिकितà¥à¤¸à¤¾ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ से जटिल रूप से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है। भौतिक, रासायनिक, वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿ और चिकितà¥à¤¸à¤¾ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• परिदृशà¥à¤¯ के भीतर वैदिक वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं के विकास की लेखक की खोज पर यह शोध पतà¥à¤° उन जटिल संबंधों और पारसà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ को सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ करता है जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤—ति की उभरती कहानी को आकार दिया है। लेखक का गहन विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ आधà¥à¤¨à¤¿à¤• वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• विषयों के विकास और परिशोधन के लिठमूलभूत आधार तैयार करने में पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ वैदिक जà¥à¤žà¤¾à¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निभाई गई महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ भूमिका को रेखांकित करता है, यà¥à¤—ों से मानव जà¥à¤žà¤¾à¤¨ और उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿ के पथ पर वैदिक विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ विरासत और परिवरà¥à¤¤à¤¨à¤•ारी पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µ को रेखांकित करता है। इसके अतिरिकà¥à¤¤, लेखक दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है कि कैसे वैदिक विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ का à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• संदरà¥à¤­ à¤à¤• मूलभूत सà¥à¤¤à¤‚भ के रूप में कारà¥à¤¯ करता है जिस पर आधà¥à¤¨à¤¿à¤• वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• विषयों की इमारत खड़ी की गई है, जो जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के दो कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के बीच सहजीवी संबंध की वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• समठपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। à¤à¤• सूकà¥à¤·à¥à¤® विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ के माधà¥à¤¯à¤® से, लेखक उन जटिल धागों को उजागर करता है जो वैदिक विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की विरासत को भौतिकी, रसायन विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ और चिकितà¥à¤¸à¤¾ के निरंतर विकसित होने वाले कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के साथ जोड़ते हैं, जो वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• जांच और खोज के ताने-बाने में पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के कालातीत महतà¥à¤µ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।

References

(1) ऋग्वेद 10.189. 1, यजुर्वेद 3. 6, सामवेद 6. 30, अथर्ववेद 6. 31. 1
(2) अथर्ववेद 12. 1. 37
(3) वही 7. 107. 1
(4) वही 13. 3. 9
(5) ऋग्वेद 1. 84. 15, अथर्ववेद 20. 41. 3
(6) यजुर्वेद 18. 40
(१)निरुक्त 2. 6
(8) अथर्ववेद 18. 2. 54
(9) ऋग्वेद 2. 16. 2
(10) यजुर्वेद 17. 59
(11) अथर्ववेद 6. 106. 3
(12) वही 3. 13. 5
(13) वही 1. 33 1
(14) वही 18. 3.5
(15) वही 7. 89. 1
(16) गोपथ ब्राह्मण 2. 1. 22
(17) कौषीतकि 0. 5. 4, ऐत्तरेय 0. 06. 30
(18) अथर्ववेद 14. 1. 4
(19) वही 1. 3. 1, 4.5
(20) वही 8. 2. 15
(21) वही 10. 8. 31
(22) ऋग्वेद 1. 116. 10, 1. 117. 13. 1. 119. 7
(23) वही 1. 158. 4-6
(24) वही 1. 117. 24
(25) वही 1. 117. 19
(26) वही 1. 16. 15
(27) वही 1. 116. 12. 1. 117. 22
(28) वही 1. 117. 17
(29) वही 1. 117. 8
(30) वही 1. 112. 8
(31) वही 1. 116. 13
(32) वही 1. 117. 8

Published

2021-05-17