आयुर्वेदिक चिकित्सा में धार्मिकता का महत्व: मन, वचन, और क्रिया का संतुलन

Authors

  • Pooja Pathak Student, Department of Hindi, Burbwan University, west bangal.

Keywords:

आयुर्वेदिक चिकित्सा, मन, वचन, क्रिया, धार्मिकता, त्रिगुणात्मक संसार, आचार्यों का योगदान

Abstract

आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में धारà¥à¤®à¤¿à¤•ता का महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ है और इसे मन, वचन, और कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के संतà¥à¤²à¤¨ के परिपà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤·à¥à¤¯ में विचारा जाता है। मन को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और योग के माधà¥à¤¯à¤® से शà¥à¤¦à¥à¤§ करना, वचन के माधà¥à¤¯à¤® से आतà¥à¤®à¤¾ को उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ की ओर ले जाना, और कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के संतà¥à¤²à¤¨ के लिठसही आहार, विहार, और आचारà¥à¤¯ का पालन करना, ये सभी आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ में धारà¥à¤®à¤¿à¤•ता के माधà¥à¤¯à¤® से संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवन की दिशा में मदद करते हैं। धारà¥à¤®à¤¿à¤•ता न केवल रोगों का उपचार करती है, बलà¥à¤•ि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• और भौतिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ की दिशा में à¤à¤• संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है। धारà¥à¤®à¤¿à¤•ता आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में मानव जीवन को संपूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ की दिशा में मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ करती है, जिससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपने आतà¥à¤®à¤¾ के साथ अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ में à¤à¤• होता है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और मंतà¥à¤°à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से मन को शांति और सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ में रखकर आतà¥à¤®à¤¾ के साथ संबंध सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने का साधन होता है। वचन के माधà¥à¤¯à¤® से आतà¥à¤®à¤¾ को उचà¥à¤šà¤¤à¤® सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ तक पहà¥à¤‚चाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया जाता है, और कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के संतà¥à¤²à¤¨ से आचारà¥à¤¯, आहार, और विहार के माधà¥à¤¯à¤® से शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और ऊरà¥à¤œà¤¾à¤µà¤¾à¤¨ बनाठरखने का कारगर तरीका होता है। इस पà¥à¤°à¤•ार, आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में धारà¥à¤®à¤¿à¤•ता का पालन करने से मन, वचन, और कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के संतà¥à¤²à¤¨ के साथ संपूरà¥à¤£ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और आतà¥à¤®à¤¾ की ऊà¤à¤šà¤¾à¤ˆ में समृदà¥à¤§à¤¿ होती है।

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Published

2023-12-20