वैदर्भी हिंदी साहित्य
Keywords:
वैदर्भी हिंदी, विदर्भ, संत साहित्य, महानुभाव संप्रदाय, वारकरी संप्रदायAbstract
वैदर्भी हिंदी साहित्य महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में विकसित हिंदी साहित्य की एक महत्त्वपूर्ण धारा है। इस क्षेत्र में हिंदी साहित्य के आरंभिक विकास में संत साहित्य की उल्लेखनीय भूमिका रही। महानुभाव संप्रदाय और वारकरी संप्रदाय ने हिंदी की प्रारंभिक साहित्यिक परंपरा को समृद्ध किया। आधुनिक काल में विदर्भ के लेखकों ने हिंदी कविता, कहानी, उपन्यास और निबंध के विकास में योगदान दिया। प्रस्तुत शोधपत्र में वैदर्भी हिंदी साहित्य की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, विकास-क्रम, प्रमुख प्रवृत्तियों तथा साहित्यिक योगदान का परिचयात्मक विश्लेषण किया गया है।
How to cite this article:
ए. अनुराधा, वैदर्भी हिंदी साहित्य, Anu: a, Mul, Int, Jour, 2026; 11(3&4): 91-93.
DOI: https://doi.org/10.24321/2456.0510.202628
References
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