74वें संविधान संशोधन के पश्चात भारत में नगरीय स्थानीय स्वशासन: उपलब्धियाँ एवं चुनौतियाँ

Authors

  • हरवीर सिंह सहायक आचार्य (लोक प्रशासन), शोधार्थी, एमएसजे राजकीय महाविद्यालय, भरतपुर, कोटा विश्वविद्यालय, राजस्थान, भारत
  • कृष्ण गोपाल महावर आचार्य (लोक प्रशासन), शोध पर्यवेक्षक, एमएसजे राजकीय महाविद्यालय, भरतपुर, कोटा विश्वविद्यालय, राजस्थान, भारत

Abstract

भारत में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की प्रक्रिया को संस्थागत आधार प्रदान करने की दिशा में 74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। इस संशोधन द्वारा संविधान में भाग IX-A जोड़ा गया तथा नगरीय स्थानीय निकायों को संवैधानिक मान्यता प्रदान की गई। इसके अंतर्गत नगर पंचायत, नगर परिषद तथा नगर निगम की व्यवस्था, नियमित निर्वाचन, आरक्षण, राज्य निर्वाचन आयोग, राज्य वित्त आयोग, जिला योजना समिति तथा महानगरीय योजना समिति जैसी व्यवस्थाओं को संवैधानिक आधार मिला। इस संशोधन अधिनियम का मूल उद्देश्य नगरीय स्थानीय निकायों को स्थानीय स्वशासन की प्रभावी संस्थाओं के रूप में विकसित करना था। पिछले तीन दशकों में नगरीय निकायों ने शहरी स्वच्छता, पेयजल, आवास, सड़क, जल निकासी, डिजिटल सेवा वितरण तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वच्छ भारत मिशन-शहरी, अमृत, स्मार्ट सिटी तथा अन्य शहरी विकास कार्यक्रमों ने नगर निकायों की प्रशासनिक भूमिका को विस्तारित किया है। दूसरी ओर, वास्तविक प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वायत्तता, कार्यों का प्रभावी हस्तांतरण, पर्याप्त मानव संसाधन, स्थानीय राजस्व की सीमित क्षमता, राज्य सरकारों पर निर्भरता तथा योजना निर्माण में नागरिक सहभागिता जैसी समस्याएँ अभी भी महत्वपूर्ण हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की म्युनिसिपल फाइनेंस रिपोर्ट (2024) में 232 नगर निगमों के वित्तीय विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि अनेक नगर निगम अपने स्वयं के राजस्व से राजस्व व्यय की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं तथा उच्चतर सरकारों से प्राप्त अनुदानों एवं हस्तांतरणों पर निर्भरता बनी हुई है। यह शोध-पत्र 74वें संविधान संशोधन के पश्चात नगरीय स्थानीय स्वशासन की संस्थागत उपलब्धियों और प्रमुख चुनौतियों का विश्लेषण करता है तथा नगरीय स्वशासन को अधिक प्रभावी बनाने हेतु प्रशासनिक एवं नीतिगत सुझाव प्रस्तुत करता है।

How to cite this article:

हरवीर सिंह, कृष्ण गोपाल महावर, 74वें संविधान संशोधन के पश्चात भारत में नगरीय स्थानीय स्वशासन: उपलब्धियाँ एवं चुनौतियाँ, Anu: a, Mul, Int, Jour, 2026; 11(3&4): 86-90.

DOI: https://doi.org/10.24321/2456.0510.202626

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Published

2026-10-27

How to Cite

हरवीर सिंह, & कृष्ण गोपाल महावर. (2026). 74वें संविधान संशोधन के पश्चात भारत में नगरीय स्थानीय स्वशासन: उपलब्धियाँ एवं चुनौतियाँ . Anusanadhan: A Multidisciplinary International Journal (In Hindi), 11(3&4), 86-90. Retrieved from http://thejournalshouse.com/index.php/Anusandhan-Hindi-IntlJournal/article/view/2546