ज्योतिष एवं विज्ञान के क्षेत्र में शून्य (Zero) का महत्त्व

Authors

  • Nabin Kumar Jha Banaras Hindu University

Keywords:

अनन्त‚ ख, खहर‚ दशमलव‚ ब्रह्म, शून्यता, सिफ्र ।

Abstract

शूनà¥à¤¯ को सबसे छोटी स‌करातà¥à¤®à¤• संखà¥à¤¯à¤¾ माना जाता है। इसका अपना कोई मान नहीं हैं। शूनà¥à¤¯ वसà¥à¤¤à¥à¤¤à¤ƒ विशà¥à¤µ के  लिठà¤à¤• पहेली है। यहाठवेदों में शूनà¥à¤¯ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— तथा भारतीय शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में शूनà¥à¤¯ के लिठपà¥à¤°à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ शबà¥à¤¦ का वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ à¤à¤µà¤‚ विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया गया है। शूनà¥à¤¯à¤¤à¤¾ à¤à¤µà¤‚ शूनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ को भारतीय दरà¥à¤¶à¤¨ अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¸à¥à¤«à¥à¤°à¤¿à¤¤ हà¥à¤† है। शूनà¥à¤¯ से सिफर(सिफà¥à¤°) à¤à¤µà¤‚ Zero तक का समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने का à¤à¤• लघॠपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ भी है।  इसका सà¥à¤µà¤°à¥‚प परबà¥à¤°à¤¹à¥à¤® परमेशà¥à¤µà¤° की तरह सदा सरà¥à¤µà¤¦à¤¾ परिपूरà¥à¤£ है। जैसे सृषà¥à¤Ÿà¤¿ के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤®à¥à¤­ और लय होने समय परबà¥à¤°à¤¹à¥à¤® परमेशà¥à¤µà¤° कोई विकार उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ नही होता है। उसी पà¥à¤°à¤•ार शूनà¥à¤¯ में भी किसी राशि को समाविषà¥à¤Ÿ करने और निकाल देने से कोई अनà¥à¤¤à¤° नहीं होता। वह परबà¥à¤°à¤¹à¥à¤® परमेशà¥à¤µà¤° की तरह पूरà¥à¤£ ही रहता है। वही शूनà¥à¤¯ गणित (जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·),दरà¥à¤¶à¤¨, विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ और  à¤µà¥à¤¯à¤¾à¤•रण आदि शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में विविध नाम से जाना जाता है। दशमलव पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से कठिन से कठिन पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ सरलता से सिदà¥à¤§ हो सकता है। इसका पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— सरà¥à¤µà¤¤à¥‹à¤—ामी है।

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Published

2024-10-01