महाभारत में पर्यावरण पर दार्शनिक चिन्तन

Authors

  • Rameshwar Pandey

Keywords:

महाभारत; पर्यावरण; वन पर्व; धर्मपुत्र; अग्नि; वृक्ष; मानवता।

Abstract

इस लेख में लेखक ने महाभारत काल के दौरान परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ संबंधी मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर गहराई से पà¥à¤°à¤•ाश डाला है। à¤à¤• दारà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण के माधà¥à¤¯à¤® से, लेखक उस अवधि की परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का à¤à¤• विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करता है। पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ महाकावà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पर पà¥à¤°à¤•ाश डालने से इस बात पर गहन चिंतन उभरता है कि उस यà¥à¤— का समाज किस पà¥à¤°à¤•ार परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से जूà¤à¤¤à¤¾ था। लेखक महाभारत काल में पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ लोकाचार की à¤à¤• जà¥à¤µà¤²à¤‚त तसà¥à¤µà¥€à¤° पेश करता है, जो पà¥à¤°à¤•ृति के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लोगों की मानसिकता में पà¥à¤¨à¤°à¥à¤®à¥‚लà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन की à¤à¤• समृदà¥à¤§ रूपरेखा पेश करता है। साथ ही लेखक उस समय की परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ चेतना को पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µà¥€ ढंग से सामने लाता है, तथा पारिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤• विचार के संदरà¥à¤­ में अतीत और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ के बीच à¤à¤• पà¥à¤² बनाता है। पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ भारतीय समाज में परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का चितà¥à¤°à¤£ हमारी वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ दà¥à¤°à¥à¤¦à¤¶à¤¾à¤“ं और समय के साथ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ विचारों के विकास को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚बित करने के लिठà¤à¤• मूलà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¨ पृषà¥à¤ à¤­à¥‚मि पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।

References

1. महाभारत, वनपर्व, 158.38-68 तक
2. वही, भीष्मपर्व, 2.19
3 वही, अनुशासन पर्व, 5.30-31
4 वही, शान्तिपर्व, 185.5-18
5 वही, शान्तिपर्व, 180.2
6 बही, अनुशासन पर्व, 58.22-26
7 वही, अनुशासन पर्व, 58.27

Published

2020-05-06