à¤à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤¡à¥‡à¤¡ हारà¥à¤¡à¤µà¥‡à¤¯à¤° डिज़ाइन और वासà¥à¤¤à¥à¤°à¤šà¤¨à¤¾à¤à¤‚, वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• समय ऑपरेटिंग सिसà¥à¤Ÿà¤® और अनà¥à¤¸à¥‚ची à¤à¤²à¥à¤—ोरिदम, à¤à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤¡à¥‡à¤¡ फरà¥à¤®à¤µà¥‡à¤¯à¤° विकास और अनà¥à¤•ूलन तकनीकें, सिसà¥à¤Ÿà¤®-ऑन-चिप (SoC) डिज़ाइन और à¤à¤•ीकरण, à¤à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤¡à¥‡à¤¡ सॉफ़à¥à¤Ÿà¤µà¥‡à¤¯à¤° विकास तंतà¥à¤°, वायरलेस सेंसर नेटवरà¥à¤• और सेंसर à¤à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤¡à¥‡à¤¡ सिसà¥à¤Ÿà¤® में à¤à¤•ीकरण, इंटरनेट ऑफ थिंगà¥à¤¸ (IoT) आरà¥à¤•िटेकà¥à¤šà¤° और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤•ॉल, सायबर-à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• सिसà¥à¤Ÿà¤® और उनके अनà¥à¤ªà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—, à¤à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤¡à¥‡à¤¡ आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² इंटेलिजेंस और मशीन लरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग à¤à¤²à¥à¤—ोरिदम, ऊरà¥à¤œà¤¾-कà¥à¤¶à¤² à¤à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤¡à¥‡à¤¡ सिसà¥à¤Ÿà¤® डिज़ाइन और अनà¥à¤•ूलन, à¤à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤¡à¥‡à¤¡ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤•रण, à¤à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤¡à¥‡à¤¡ सिसà¥à¤Ÿà¤® मॉडलिंग, सिमà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨, और सतà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¨, समाज शासà¥à¤¤à¥à¤°, अरà¥à¤¥à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°, राजनीति विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ आदि, à¤à¤¾à¤·à¤¾, à¤à¤¾à¤·à¤¾ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, तकनीकि लेखन, à¤à¥‚गोल, à¤à¥‚गरà¥à¤ शासà¥à¤¤à¥à¤°, रिमोट सेंसिंग, परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£, परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤•ीय, विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ तकनीकि, कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, सूचना पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी, इंजीनियरिंग, à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, रसायन, गणित, मानविकीय, वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, इतिहास, धरà¥à¤®, दरà¥à¤¶à¤¨, विधि, मानव अधिकार, अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ विधि, शà¥à¤°à¤® विधि, पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन, संगठन, चिकितà¥à¤¸à¤¾, आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨, मेडीकल, पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक चिकितà¥à¤¸à¤¾, योग, वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾, ऑटोमोटिव, à¤à¤¯à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤ªà¥‡à¤¸, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ देखà¤à¤¾à¤², औदà¥à¤¯à¥‹à¤—िक सà¥à¤µà¤šà¤¾à¤²à¤¨, उपà¤à¥‹à¤•à¥à¤¤à¤¾ इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤•à¥à¤¸, उपाधà¥à¤¯à¤¯, वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• कारà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤µà¤¯à¤¨, और à¤à¤®à¥à¤¬à¥‡à¤¡à¥‡à¤¡ सिसà¥à¤Ÿà¤® में पà¥à¤°à¤—तिशीलता का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करने वाले केस सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œà¤¼, वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• कारà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤µà¤¯à¤¨, और पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला परिणाम।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ की महिमा कवियों की वाणी - कालिदास के सनà¥à¤¦à¤°à¥à¤ में
Authors
-
Usha Sharma
Assistant Professor, S. S. Jain Subodh Mahila Shikshak Prashikshan Mahavidyalaya, Sanganer, Jaipur, India.
Keywords:
पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ - पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ विà¤à¥‚षित - सà¥à¤¶à¥‹à¤à¤¿à¤¤ नà¥à¤¯à¥‹à¤›à¤¾à¤µà¤° - वारना अकà¥à¤·à¥à¤•à¥à¤·à¥à¤£ - सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ गरीयसी - शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ चोटियाठ- शिखर नदारद - गायब
Abstract
à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ à¤à¥‚मि है। इसकी महानता के बारे में जितना कहा जाठकम है। यहाठका शांत व समृदà¥à¤§ वातावरण मनà¥à¤·à¥à¤¯ को जीने का बेहतर मौका ही नहीं देता बलà¥à¤•ि उसे à¤à¤• सही सोच से à¤à¥€ समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤• समृदà¥à¤§ देश है जहाठसाहितà¥à¤¯, कला और विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में महान लोगों ने जनà¥à¤® लिया है। यहाठकी संसà¥à¤•ृति विशà¥à¤µ की पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ संसà¥à¤•ृति है जिसका सà¤à¥€ अनà¥à¤¸à¤°à¤£ करते है। वैसे तो à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अनेक कवियों-मनीषियों ने अपनी लेखनी से साहितà¥à¤¯ को समृदà¥à¤§ किया है à¤à¤µà¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤ की महिमा का बखान किया है किनà¥à¤¤à¥ कालिदास जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कवि कà¥à¤² गà¥à¤°à¥‚, दीपशिखा कालिदास, कविशिरोमणि, उपमा कालिदास आदि संजà¥à¤žà¤¾à¤“ं से विà¤à¥‚षित किया गया है। उनकी वाणी व साहितà¥à¤¯ रचना में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के गà¥à¤£à¤—ान का हम यहाठदरà¥à¤¶à¤¨ करेंगे।समाज की सà¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ होने पर ही वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपनी आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿ कर सकता है। इस पà¥à¤°à¤•ार समाज तथा वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का परसà¥à¤ªà¤° अà¤à¥à¤¯à¥à¤¦à¤¯ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति का चरम लकà¥à¤·à¥à¤¯ है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने अपनी संसà¥à¤•ृति व सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ को सदैव अकà¥à¤·à¥à¤•à¥à¤·à¥à¤£ रखा है। वह सदैव विशà¥à¤µ गà¥à¤°à¥‚ बन कर जगत को आदरà¥à¤¶à¥‹à¤‚ का पाठपà¥à¤¾à¤¤à¤¾ आया है और आज à¤à¥€ विशà¥à¤µ यहाठकी संसà¥à¤•ृति का अनà¥à¤—म न करता है। लोगों को यह बताने से बेहतर बात और कà¥à¤¯à¤¾ होगी कि जो खà¥à¤µà¤¾à¤¬ वे देखते है वे सच हो सकते। यह कि उनके पास वह सब कà¥à¤› हो सकता है जो अचà¥à¤›à¥‡ जीवन के लिठजरूरी है - सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯, शिकà¥à¤·à¤¾ अपनी मंजिल तक पहà¥à¤à¤šà¤¨à¥‡ की आजादी और इन सबसे बà¥à¤•र शांति।