महाà¤à¤¾à¤°à¤¤ में परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ पर दारà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤• चिनà¥à¤¤à¤¨
Keywords:
महाà¤à¤¾à¤°à¤¤; परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£; वन परà¥à¤µ; धरà¥à¤®à¤ªà¥à¤¤à¥à¤°; अगà¥à¤¨à¤¿; वृकà¥à¤·; मानवता।Abstract
इस लेख में लेखक ने महाà¤à¤¾à¤°à¤¤ काल के दौरान परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ संबंधी मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर गहराई से पà¥à¤°à¤•ाश डाला है। à¤à¤• दारà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण के माधà¥à¤¯à¤® से, लेखक उस अवधि की परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का à¤à¤• विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करता है। पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ महाकावà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पर पà¥à¤°à¤•ाश डालने से इस बात पर गहन चिंतन उà¤à¤°à¤¤à¤¾ है कि उस यà¥à¤— का समाज किस पà¥à¤°à¤•ार परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से जूà¤à¤¤à¤¾ था। लेखक महाà¤à¤¾à¤°à¤¤ काल में पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ लोकाचार की à¤à¤• जà¥à¤µà¤²à¤‚त तसà¥à¤µà¥€à¤° पेश करता है, जो पà¥à¤°à¤•ृति के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लोगों की मानसिकता में पà¥à¤¨à¤°à¥à¤®à¥‚लà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन की à¤à¤• समृदà¥à¤§ रूपरेखा पेश करता है। साथ ही लेखक उस समय की परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ चेतना को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से सामने लाता है, तथा पारिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤• विचार के संदरà¥à¤ में अतीत और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ के बीच à¤à¤• पà¥à¤² बनाता है। पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ समाज में परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का चितà¥à¤°à¤£ हमारी वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ दà¥à¤°à¥à¤¦à¤¶à¤¾à¤“ं और समय के साथ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ विचारों के विकास को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚बित करने के लिठà¤à¤• मूलà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¨ पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
References
2. वही, à¤à¥€à¤·à¥à¤®à¤ªà¤°à¥à¤µ, 2.19
3 वही, अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ परà¥à¤µ, 5.30-31
4 वही, शानà¥à¤¤à¤¿à¤ªà¤°à¥à¤µ, 185.5-18
5 वही, शानà¥à¤¤à¤¿à¤ªà¤°à¥à¤µ, 180.2
6 बही, अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ परà¥à¤µ, 58.22-26
7 वही, अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ परà¥à¤µ, 58.27