मौर्य और शुंग काल के दौरान विदेशी आदान-प्रदान के प्रकाश में भारतीय कला और संस्कृति

Authors

  • Rameshwar Pandey

Keywords:

शुंग काल; मौर्य काल; राजवंश; कौटिल्य; अर्थशास्त्र; मानसेहरा; कम्बोज; शिलालेख ।

Abstract

इस शोध पतà¥à¤° में लेखक ने मौरà¥à¤¯ और शà¥à¤‚ग काल के दौरान विदेशी आदान-पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ के संदरà¥à¤­ में भारतीय कला और संसà¥à¤•ृति पर विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से अपने विचार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किठहैं। लेखक इन यà¥à¤—ों के दौरान हà¥à¤ कलातà¥à¤®à¤• और सांसà¥à¤•ृतिक आदान-पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ के महतà¥à¤µ पर पà¥à¤°à¤•ाश डालते हà¥à¤ इस बात पर पà¥à¤°à¤•ाश डालते हैं कि कैसे विदेशी संपरà¥à¤•ों ने भारतीय कला रूपों और सामाजिक मानदंडों को पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ और समृदà¥à¤§ किया। भारत और विदेशी भूमि के बीच अंतर-सांसà¥à¤•ृतिक संबंधों की विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ जांच के माधà¥à¤¯à¤® से, लेखक पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ भारत की कलातà¥à¤®à¤• अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और सांसà¥à¤•ृतिक लोकाचार पर इन आदान-पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के परिवरà¥à¤¤à¤¨à¤•ारी पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µ को रेखांकित करता है। इस शोध पतà¥à¤° में लेखक विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से समà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं कि विदेशी समà¥à¤ªà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ और भारतीय संसà¥à¤•ृति के बीच कैसे समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ बने और यह किस पà¥à¤°à¤•ार सांसà¥à¤•ृतिक विनिमय का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पहलू है। चरà¥à¤šà¤¾ को मौरà¥à¤¯ और शà¥à¤‚ग राजवंशों के à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• ढांचे के भीतर रखकर, लेखक की खोज विविध सांसà¥à¤•ृतिक विरासतों के अंतरà¥à¤¸à¤‚बंध और भारतीय कला और सभà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पर उनके सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में मूलà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¨ अंतरà¥à¤¦à¥ƒà¤·à¥à¤Ÿà¤¿ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है।

 

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Published

2022-05-26

How to Cite

Pandey, R. (2022). मौर्य और शुंग काल के दौरान विदेशी आदान-प्रदान के प्रकाश में भारतीय कला और संस्कृति. Anusanadhan: A Multidisciplinary International Journal (In Hindi), 7(1&2), 5-7. Retrieved from https://thejournalshouse.com/index.php/Anusandhan-Hindi-IntlJournal/article/view/1164