कोरोना काल में भारतीय साहित्य और शिक्षा की दशा और दिशा

Authors

  • Chaman Singh Thakur Ph.D. Education M.A. Hindi M.A. Pol. Science M.A. Yoga M.ED. PGDHE

Keywords:

कोरोना काल, भारतीय साहित्य, ऑनलाइन शिक्षा, जनचेतना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, सामाजिक जागरूकता, साहित्यिक योगदान, वेबिनार, संकट प्रबंधन।

Abstract

कोविड-19 वैश्विक महामारी ने न केवल मानवीय जीवन को अस्त-व्यस्त किया, बल्कि साहित्य और शिक्षा जैसे समाज के महत्वपूर्ण स्तंभों को भी गहराई से प्रभावित किया। इस संकट के समय में भारतीय साहित्यकारों और शिक्षाविदों ने अपनी लेखनी और सृजनशीलता के माध्यम से जनचेतना का संचार किया और समाज को नई दिशा प्रदान की। साथ ही, शिक्षा प्रणाली में डिजिटल माध्यमों को अपनाकर शिक्षण-अधिगम की निरंतरता को बनाए रखा गया। इस शोधपत्र में कोरोना काल में साहित्य की भूमिका, साहित्यिक आयोजनों की प्रभावशीलता, शिक्षा व्यवस्था में हुए नवाचारों तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावों पर विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से चर्चा की गई है।

Published

2025-09-30

How to Cite

Thakur, C. S. (2025). कोरोना काल में भारतीय साहित्य और शिक्षा की दशा और दिशा. Anusanadhan: A Multidisciplinary International Journal (In Hindi), 10(1&2), 12-14. Retrieved from https://thejournalshouse.com/index.php/Anusandhan-Hindi-IntlJournal/article/view/1690