क्रिएटिव और पैसिव इकोनॉमी में युवाओं की भूमिका
Abstract
वर्तमान वैश्वीकरण और डिजिटल युग में अर्थव्यवस्था के नए आयाम निरंतर विकसित हो रहे हैं। इनमें दो प्रमुख स्वरूप—क्रिएटिव इकोनॉमी और पैसिव इकोनॉमी—युवाओं के लिए अवसरों और चुनौतियों दोनों को प्रस्तुत करते हैं। क्रिएटिव इकोनॉमी वह क्षेत्र है जिसमें सृजनात्मकता, नवाचार, संस्कृति, और तकनीकी दक्षता के माध्यम से आर्थिक मूल्य का निर्माण किया जाता है, जबकि पैसिव इकोनॉमी में व्यक्ति ऐसी गतिविधियों से आय अर्जित करता है जिनमें सक्रिय श्रम की अपेक्षा नहीं होती। यह शोध पत्र इन दोनों अर्थव्यवस्थाओं में युवाओं की भूमिका, उनकी भागीदारी के स्वरूप, निहित अवसरों, चुनौतियों तथा नीतिगत उपायों का विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
How to cite this article:
जगदीश सहायक आचार्य, क्रिएटिव और पैसिव इकोनॉमी में युवाओं की भूमिका, Anu: a, Mul, Int, Jour, 2026; 11(1&2): 23-27.
DOI: https://doi.org/ 10.24321/2395.2288.202604
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