भारतीय ज्ञान प्रणाली आधारित निर्णय प्रक्रिया और पंचायत शासन में उसकी प्रासंगिकता

Authors

  • शैवेन्द्र कुमार व्यास सहायक आचार्य (लोक प्रशासन) राजकीय महाविद्यालय, उच्चैन (भरतपुर)

Keywords:

भारतीय ज्ञान प्रणाली, निर्णय प्रक्रिया, पंचायत शासन, लोकसहभागिता, नैतिक प्रशासन, लोककल्याण

Abstract

भारतीय समाज का शासन-संरचना और निर्णय प्रक्रिया प्राचीन काल से ही ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर आधारित रही है। वैदिक, उपनिषदिक तथा स्मृतिकालीन ग्रंथों में शासन और लोककल्याण की अवधारणाएँ निहित हैं, जहाँ राज्य को केवल राजनीतिक संस्था न मानकर, एक नैतिक एवं सामाजिक उत्तरदायित्व वाली व्यवस्था के रूप में देखा गया। इस परंपरा की सबसे सशक्त अभिव्यक्ति पंचायत व्यवस्था में परिलक्षित होती है। पंचायत न केवल स्थानीय स्वशासन का माध्यम रही है, बल्कि यह भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System) की जीवनदृष्टि और निर्णय प्रक्रिया का व्यावहारिक रूप भी है।

How to cite this article:

शैवेन्द्र कुमार व्यास, भारतीय ज्ञान प्रणाली आधारित निर्णय प्रक्रिया और पंचायत शासन में उसकी प्रासंगिकता, Anu: a, Mul, Int, Jour, 2026; 11(1&2): 28-32.

DOI: https://doi.org/ 10.24321/2395.2288.202605

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Published

2026-03-20

How to Cite

कुमार व्यास श. . (2026). भारतीय ज्ञान प्रणाली आधारित निर्णय प्रक्रिया और पंचायत शासन में उसकी प्रासंगिकता . Anusanadhan: A Multidisciplinary International Journal (In Hindi), 11(1&2), 28-32. Retrieved from https://thejournalshouse.com/index.php/Anusandhan-Hindi-IntlJournal/article/view/1987