भारतीय ज्ञान प्रणाली का सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में भूमिका: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Keywords:
वसुधैव कुटुम्बकम्, समावेशी विकास, सतत विकास, सर्वभूत हिताय, मानवता|Abstract
भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) भारत की वैदिक, दार्शनिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का समेकित स्वरूप है, जो मानव, समाज और प्रकृति के बीच संतुलन की भावना पर आधारित है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिपादित सतत विकास लक्ष्य (SDGs) मानवता के समग्र और समावेशी विकास का आधुनिक वैश्विक एजेंडा प्रस्तुत करते हैं। प्रस्तुत शोध पत्र में भारतीय ज्ञान प्रणाली के मूल सिद्धांतों जैसे सर्वभूत हिताय, वसुधैव कुटुम्बकम्, यथा पिण्डे तथा ब्रह्माण्डे और ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में उसकी प्रासंगिकता का विश्लेषण किया गया है।
How to cite this article:
जगदीश, भारतीय ज्ञान प्रणाली का सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में भूमिका: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन, Anu: a, Mul, Int, Jour, Vol 11, 2026 (Special Issue): Pg. No. 17-21.
DOI: https://doi.org/10.24321/2456.0510.202609
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