भारतीय पर्यावरण चिंतन एवं सतत् विकास की अवधारणा

Authors

  • आंचल शोधछात्रा, भाषा एवं आधुनिक ज्ञान विज्ञान विभाग, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, बहादराबाद, उत्तराखंड, भारत|
  • अजय परमार सहायक आचार्य एवं अध्यक्ष, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, बहादराबाद, उत्तराखंड, भारत|

Abstract

 प्रस्तुत शोध पत्र में भारतीय पर्यावरण चिंतन एवं सतत विकास की अवधारणा विषय पर प्रकाश डाला गया है, भारतीय परिपेक्ष में पर्यावरण के सभी अवयवों को जैविक शक्ति का दर्जा दिया गया है। हिंदू धर्म शास्त्रों में प्रकृति पूजा का विधान दिया गया है जो या दर्शाता है कि हमारे भारतीय मनीषी पर्यावरण के प्रति कितने संवेदनशील थे, तथा पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने कितने महत्वपूर्ण कार्य संपन्न किए। वर्तमान में सतत विकास शब्द अत्यधिक प्रचलन में है परंतु इसकी जड़े हमें प्राचीन काल से ही दिखाई देती है, हमारे शास्त्रों में प्रारंभ से ही यह बताया गया है कि प्रकृति द्वारा दी गई प्रत्येक वस्तु अथवा संसाधन का प्रयोग इस प्रकार किया जाए जिससे वह पूर्णतया नष्ट ना हो तथा वर्तमान पीढ़ियों की आवश्यकता को पूर्ण करते हुए भविष्य में आने वाली पीढियों के लिए भी सुरक्षित रह सके। सामान्य शब्दों में कहा जाए तो सतत विकास को संधारणीय विकास, टिकाऊ या स्थाई विकास आदि नामों से जाना जाता है। जिससे तात्पर्य है कि प्रकृति से हमें जो कुछ भी प्राप्त होता है उसको इस प्रकार से प्रयोग में लाया जा सके कि भविष्य की पीढ़ी को समझौता न करना पड़े।

How to cite this article:

आंचल, भारतीय पर्यावरण चिंतन एवं सतत् विकास की अवधारणा, Anu: a, Mul, Int, Jour, Vol 11, 2026 (Special Issue): Pg. No. 22-28

DOI: https://doi.org/10.24321/2456.0510.202610

References

वेदालंकार डॉo रामनाथ, ऋग्वेद ज्योति, 2006, गोविंदराम हासानंद 4408, नई सड़क, दिल्ली।

वेदालंकार डॉo रामनाथ, अथर्ववेद ज्योति, 2011, श्री घूडमल प्रहलादकुमार आर्य धर्मार्थ न्यास, हिण्डौन सिटी, राजस्थान।

महावीर, वेदों में आर्थिक चिंतन, 2014, गतिशील प्रकाश, उत्तम नगर, नई दिल्ली।

गुप्ता डॉo दीपा, वैदिक युगीन सामाजिक, आर्थिक एवं धार्मिक जीवन, 2011, आरo डीo पाण्डेय, सत्यम् पब्लिशिंग हाउस, नई दिल्ली।

मिश्रा डॉo संजू, प्राचीन संस्कृत साहित्य में पर्यावरण परिशीलन, 2017, अमर ग्रन्थ पब्लिकेशन्स, दिल्ली।

सिंह, भगवान, हड़प्पा सभ्यता और वैदिक साहित्य, 2016, राधा कृष्ण प्रकाश प्राइवेट लिमिटेड, दरियागंज, नई दिल्ली।

अवस्थी, निवेदिता, चंद्र योगेश, सतत् विकास की अवधारणा, 2023, नालंदा प्रकाशन, दिल्ली।

पाण्डे गोविन्द चंद्र, वैदिक संस्कृति, 2019, लोकभारती प्रकाशन, प्रयागराज।

द्विवेदी, डॉo कपिल, वेदों में विज्ञान, 2000, विश्वभारती अनुसंधान परिषद्, ज्ञानपुर (भदोही)।

चतुर्वेदी, गिरिधर, शर्मा, वैदिक विज्ञान और भारतीय संस्कृति, 2000, बिहार राष्ट्रभाषा परिषद, पटना।

सिंह, प्रोo जगबीर, वैदिक ज्ञान परंपरा और गुरुवाणी, 2025, सुरुचि प्रकाशन, नई दिल्ली।

अग्रवाल, वासुदेव शरण, पृथिवी पुत्र, 1989, मार्तंड उपाध्याय मंत्री, सस्ता साहित्य मंडल, नई दिल्ली।

सिंह, डॉo अमरजीत, सतत विकास के आयाम, 2007, मधुकर प्रकाशन, आगरा।

पांडे, सीता, पर्यावरण हितैषी भारतीय ज्ञान परंपरा (एक समाजशास्त्रीय विश्लेषण), Scholarly research journal for interdisciplinary studies, online ISSN 2278-8808, July - Aug 2025, vol- 14/90

मीना, डॉo महेंद्र कुमार, पर्यावरण की रक्षा: भारतीय संदर्भ में संवैधानिक और न्यायिक दृष्टिकोण, JETIR May 2029, vol 6, issue 5, ISSN- 2349-5162

श्रीवास्तव, राजीव कुमार, पर्यावरण संरक्षण की भारतीय परंपरा, Aryavrat shodh vikas Patrika, ISSN- 2347-2944, vol- 10, issue - 11, June 2019

जायसवाल, संदीप कुमार, “हिंदू धर्म दर्शन एवं पर्यावरण में संबंध”, International journal of creative research thoughts (IJCRT), ISSN- 2320-2882, vol- 12, 5 May 2024

सोहनलाल, भारतीय संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, international journal of humanities and social science invention (IJHSSI), ISSN- 2319-7722, vol- 12, December 2024

कटारिया, मोनिका, भारतीय जीवन दर्शन में पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यावरण से संबद्ध विभिन्न दृष्टिकोण, international journal of education, modern management, applied science & social science, ISSN- 2581-9925, vol- 03, January - March 2021

Maharana, Subhasmita, Behrua, Ajit Kumar, harmony with nature: exploring sustainable development through the lens of Hindi tradition, problemy ekorozwoju/ problems of sustainable development, published online, 1.07.2024

भार्गव प्रोo दयानंद, वेद- विज्ञान वीथिका, 2022, राजस्थानी ग्रंथागार, जोधपुर।

पाण्डेय, अजय कुमार, वैदिक- विज्ञान - परंपरा, 2005, प्रतिभा प्रकाशन, दिल्ली।

कुमार, ध्रुव, बौद्ध धर्म और पर्यावरण, 2019 प्रभात प्रकाशन, दिल्ली

वेदश्रमी, श्री वीरसेन, वैदिक सम्पदा, 2008, विजयराम गोविंदराम हासानंद, दिल्ली।

https://www.britannica.com/topic/dharma-religious-concept

Published

2026-04-04

How to Cite

आंचल, & परमार अ. (2026). भारतीय पर्यावरण चिंतन एवं सतत् विकास की अवधारणा. Anusanadhan: A Multidisciplinary International Journal (In Hindi), 11(Special (Issue), 22-28. Retrieved from https://thejournalshouse.com/index.php/Anusandhan-Hindi-IntlJournal/article/view/2044