अध्ययन एक तुलनात्मक अध्ययन: राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों में मूल्यों का तुलनात्मक अध्ययन

Authors

  • Usha Sharma Assistant Professor, S.S. Jain Subodh Mahila T.T. College, Sanganer, Jaipur, Rajasthan, India.

Keywords:

अभिवृत्ति, प्रवृत्ति, अस्तित्व, सामाजिक, संवेगात्मक, समष्टि, आत्मीयता, अवधारणा, समायोजन, मूल्य, समृद्धि

Abstract

मूल्य हमारी स्वयं की अभिवृत्ति का वह कार्य है जिसकी उपयोगिता एक व्यक्ति, समाज, राष्ट्र अथवा सम्पूर्ण विश्व के लिए उपयोगी एवं महत्वपूर्ण है। साथ ही यह आस्तिकतामय तथा निर्धारित प्रवृत्तियाँ भी हैं। मूल्य संबंधों को संतुलित करके व्यवहार में एकरूपता एवं आत्मीयता स्थापित करते हैं। मूल्य की कल्पना मानव अस्तित्व को पूर्ण रूप से स्वीकार किए बिना संभव नहीं है। मूल्य की अपनी एक प्राकृतिक व्यवस्था होती है। मूल्य स्वयं एक व्यवस्था है जो मानव जीवन को संस्कारित करती है।

मूल्य विकास के क्रम में मानव सबसे पहले इन्द्रिय विषय बोध अर्थात् सुख एवं आनंद को मूल्यांकन का आधार बनाता है। तत्पश्चात सुख के साथ ही मूल्यांकन में सुरक्षा का भाव भी समाहित हो जाता है और अंत में अपने सुख, सुरक्षा एवं हित के साथ-साथ समाज के हित एवं सुरक्षा का भाव भी मानव में उत्पन्न होता है तथा इसी दृष्टिकोण से वह मूल्यों का निर्धारण करता है। मानव में समष्टि हित का यही भाव उसमें निहित उच्चतम मूल्यों का द्योतक है। उच्चतम मूल्यों से युक्त होने पर व्यक्ति अपने जीवन का लक्ष्य मात्र अपने सुख एवं समृद्धि तक सीमित न रखकर समाज के सुख, समृद्धि एवं सुरक्षा तक विस्तृत कर देता है। अतः किसी भी व्यक्ति के जीवन में संतुष्टि के लिए सुख, समृद्धि एवं सुरक्षा महत्वपूर्ण कारक होते हैं, जिन्हें मूल्य प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं।

How to cite this article:

उषा शर्मा, केंद्रीय माध्यमिक विद्यालय तथा राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों में मूल्यों का तुलनात्मक अध्ययन Anu: a, Mul, Int, Jour, 2026; 11(3&4): 9-14.

DOI: https://doi.org/10.24321/2456.0510.202616

References

. कुमार, (2013) ’’वैल्यूज ऑफ सीनियर सैकेण्डरी स्कूल टीचर्स’’ जनरल ऑफ एजुकेशनल एण्ड साक्लोजिकल रिसर्च, वा. 3(1) पृ. 8-10।

यादव, शालिनी (2012) ’’इमोशनल इन्टेलीजेंस एण्ड वैल्यूज ऑफ एडोलोसेंट्स स्टडींइग इन गवर्नमेंट एण्ड नॉन गवर्नमेंट स्कूल्स’’ जनरल ऑफ द एजुकेशनल एण्ड साइक्लोजी रिसर्च, वा. 2(2) पृ. 137-140।

गुप्ता, भावना एवं यादव, आर.के. (2011) ’’एडजस्टमेंट एण्ड वैल्यू ऑफ अडोल्सेंट मेल एण्ड फीमेल स्टूडेंट्स’’ जनरल ऑफ द एजुकेशनल एण्ड साइक्लोजी रिसर्च, वा. 2(2) पृ. 112-114।

दास, एवं सत्संगी, (2009) ’’वैल्यू एण्ड लाइफ सेटिसफेक्शन’’ आई.जे.पी.ई. पटना, अंक 40(1-2) पृष्ठ सं. 19-22।

कपूर, अर्चना (2009) ’’पारिवारिक परिवेश का बालक एवं बालिकाओं के मूल्य विकास पर प्रभाव’’ भारतीय शिक्षा शोध पत्रिका, वर्ष 28 अंक 2, जुलाई दिसम्बर 2009।

गुप्ता, आर.ई.. (2007) ’’उच्च शिक्षण संस्थाओं की छात्राओं के व्यक्तिगत मूल्यों का अध्ययन’’ भारतीय शिक्षा शोध पत्रिका वर्ष 26 अंक 2।

डुल, आई. एवं सुमन (2007) ’’वैल्यूज ऑफ द स्कूल स्टूडेंटस इन रिलेशन टू जेंडर एण्ड सोशियो इकोनोमिक स्टेटस’’ एजुट्रेक्स, हैदराबाद वा. 6(12) पृ. 36-39।

सारस्वत, आर. (2005) ’’श्रीमद् भगवद्गीता में निहित सामाजिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों का उच्चस्तर के पाठ्यक्रम में समावेश’’ अप्रकाशित लघु शोध प्रबन्ध, डी.ई.आई. दयालबाग।

लिंडहोल्म, एच. (2009) ’’हेल्थ मोटिव्स एण्ड लाईफ वेल्यूज-ए स्टडी ऑफ यंग पर्सन्स रीजंस फार हेल्थ’’ इंटरनेशनल डिर्जटेशन एबस्ट्रेक्ट, वर्ष 71, अंक 1।

काश्मीरी, एम. (2008) ’’ए स्टडी ऑफ द मोस्ट बेसिक लाइफ वैल्यूज ऑफ टीचर्स एण्ड स्टूडेंटस इन पाकिस्तान’’ पीएच.डी. शोध, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ मॉडर्न लैंग्वेज, इस्लामाबाद (पाकिस्तान)।

Published

2026-06-05

How to Cite

Sharma, U. (2026). अध्ययन एक तुलनात्मक अध्ययन: राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों में मूल्यों का तुलनात्मक अध्ययन. Anusanadhan: A Multidisciplinary International Journal (In Hindi), 11(3&4), 9-14. Retrieved from https://thejournalshouse.com/index.php/Anusandhan-Hindi-IntlJournal/article/view/2084