भारतीय शिक्षा और आधुनिकता

Authors

  • Chaman Singh Thakur Ph.D. Education M.A. Hindi M.A. Pol. Science M.A. Yoga M.ED. PGDHE

Keywords:

भारतीय शिक्षा प्रणाली, प्राचीन गुरुकुल परंपरा, आधुनिक शिक्षा प्रणाली , राष्ट्रीय शिक्षा नीति

Abstract

भारतीय शिक्षा प्रणाली का इतिहास अत्यंत प्राचीन और समृद्ध रहा है, जिसमें गुरुकुल परंपरा से लेकर विश्वविद्यालयों जैसे नालंदा और तक्षशिला का योगदान रहा है। आधुनिकता के आगमन के साथ, शिक्षा के स्वरूप, उद्देश्य और पद्धतियों में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। इस शोध में भारतीय पारंपरिक शिक्षा और आधुनिक शिक्षा के मूलभूत तत्वों की तुलना करते हुए यह विश्लेषण किया गया है कि कैसे आधुनिकता ने भारतीय शिक्षा को प्रभावित किया है। साथ ही, यह भी विचार किया गया है कि क्या आधुनिक शिक्षा प्रणाली भारतीय मूल्यों, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप है। शोध का उद्देश्य एक ऐसी संतुलित शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता को रेखांकित करना है, जो आधुनिक ज्ञान के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को भी समाहित कर सके।

References

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (भारत सरकार)

– शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रकाशित दस्तावेज।

https://www.education.gov.in

• प्राचीन भारत में शिक्षा व्यवस्था

– डॉ. राधाकृष्णन की रिपोर्ट (University Education Commission, 1948–49)

– भारतीय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की वेबसाइट।

• भारतीय संस्कृति और शिक्षा

– लेखक: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

– प्रकाशक: भारतीय विद्या भवन

• भारतीय शिक्षा प्रणाली का इतिहास

– लेखक: राम शरण शर्मा

– प्रकाशक: नेशनल बुक ट्रस्ट

• शिक्षा में आधुनिक तकनीकी प्रयोग

– डिजिटल इंडिया अभियान से संबंधित सरकारी रिपोर्टें।

https://www.digitalindia.gov.in

• NCERT पाठ्यपुस्तकें (समाज विज्ञान / नागरिक शास्त्र / शिक्षा)

– कक्षा 9 से 12 तक की किताबें

https://ncert.nic.in

• शोध पत्र: "भारतीय शिक्षा और आधुनिकता का अंतर्संबंध"

– भारतीय शैक्षणिक शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित (जैसे Shodhganga या UGC Care List Journals)

https://shodhganga.inflibnet.ac.in

Published

2025-12-05

How to Cite

Thakur, C. S. (2025). भारतीय शिक्षा और आधुनिकता. Anusanadhan: A Multidisciplinary International Journal (In Hindi), 10(3&4), 18-22. Retrieved from https://thejournalshouse.com/index.php/Anusandhan-Hindi-IntlJournal/article/view/2185