स्वामी श्रद्धानन्द का भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में योगदान: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Keywords:
स्वामी श्रद्धानन्द, गुरुकुलए स्वतंत्रता, आन्दोलन, अंग्रेज, स्वामी जीAbstract
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास केवल राजनीतिक बहसों और प्रस्तावों तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि यह देशवासियों में आत्म-सम्मान, स्वदेशी एवं सामाजिक बराबरी की भावना उत्पन्न करने वाला एक व्यापक आन्दोलन था। भारतीय स्वाधीनता आन्दोलन में स्वामी श्रद्धानन्द महात्मा मुंशीराम ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। स्वामी श्रद्धानन्द जी ने गुरुकुल शिक्षा प्रणाली के द्वारा देश में देशप्रेम की भावना को जागृत किया। स्वामी जी ने देश के नागरिकों को अपनी प्राचीन संस्कृति पर गौरव करने का आह्वान किया, वहीं दूसरी ओर स्वामी जी ने देश को अंग्रेजों से आजादी दिलाने के लिए रौलेट एक्ट जैसे अधिनियमों का कड़ा विरोध और असहयोग आन्दोलन जैसी आन्दोलनों को पुरजोर समर्थन दिया। स्वामी श्रद्धानन्द ने 'भारतीय हिन्दू शुद्धि सभा' के माध्यम से उन हिन्दुओं को वापस हिन्दू धर्म में लेने का प्रयास किया जिन्होंने किसी दबाव या सामाजिक परिस्थिति के कारण कोई अन्य धर्म अपना लिया था। उन्होंने दिल्ली की जामा मस्जिद से अपने भाषण द्वारा हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द की एक नई मिसाल कायम की। स्वामी जी ने अनेक बार कांग्रेस और, कमजोर और शोषित लोगों के हक के लिए आवाज उठाई।
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अनीता गोस्वामी, सुमित कुमार, स्वामी श्रद्धानन्द का भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में योगदान: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन, Anu: a, Mul, Int, Jour, 2026; 11(3&4): 62-71.
DOI: https://doi.org/10.24321/2456.0510.202621