भारतीय शुद्धि सभा का भारतीय समाज पर प्रभाव: एक विवेचनात्मक अध्ययन

Authors

  • Sumit Kumar शोध छात्र इतिहास विभाग, शहीद मंगल पांडेय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मेरठ, उत्तर प्रदेश, भारत
  • Anita Goswami विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग, राजकीय महिला महाविद्यालय, सरधना, उत्तर प्रदेश, भारत

Keywords:

भारतीय शुद्धि सभा, शुद्धि आन्दोलन, धार्मिक सुधार, जातिगत भेदभाव, भारतीय समाज, सामाजिक सुधार, स्वामी श्रद्धानन्द

Abstract

भारत के इतिहास में उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के मध्य का समय सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक परिवर्तन के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण रहा है। उस कालखण्ड में भारतीय समाज अनेक सामाजिक कुप्रथाओं, धार्मिक परम्पराओं, जातिगत असमानताओं और सामाजिक भेदभाव से प्रभावित रहा है। इसी कारण इस समय में अनेक धार्मिक और सामाजिक आन्दोलन भारतीय इतिहास में देखने को मिलते हैं। इन आन्दोलनों का प्रमुख उद्देश्य भारतीय समाज को इन सामाजिक कुरीतियों, धार्मिक कट्टरता और जातीय भेदभाव के प्रति जागरूक करना था जिससे भारत के लोगों के जीवन में सुधार लाया जा सके। शुद्धि आन्दोलन भी इसी प्रकार के आन्दोलनों में से एक महत्वपूर्ण आन्दोलन था। भारतीय शुद्धि सभा द्वारा संचालित शुद्धि आन्दोलन का प्रमुख उद्देश्य उन लोगों को दोबारा हिन्दू धर्म में लाना था, जिन्होंने पहले किसी कारण से कोई अन्य धर्म अपना लिया था, जिसमें भारतीय शुद्धि सभा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालाँकि शुद्धि आन्दोलन मात्र धार्मिक आन्दोलन तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसने सामाजिक व्यवस्था, धार्मिक जागृति, शिक्षा, जातिगत भेदभाव में सुधार जैसे प्रमुख विषयों को भी महत्व दिया। इसी कारण से शुद्धि आन्दोलन के कुछ कार्यों को लेकर उस समय के समाज में मतभेद दिखाई पड़ते हैं जबकि भारतीय शुद्धि सभा द्वारा किये गये कार्य उस समय की धार्मिक एवं सामाजिक परिस्थिति का परिणाम थे जिसने समाज के हर एक वर्ग को अपने विचारों और कार्यों से प्रभावित किया। भारतीय शुद्धि सभा का अध्ययन बीसवीं शताब्दी में हो रहे सामाजिक एवं धार्मिक परिवर्तनों को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है।

How to cite this article:

अनीता गोस्वामी, सुमित कुमार, भारतीय शुद्धि सभा का भारतीय समाज पर प्रभाव: एक विवेचनात्मक अध्ययन, Anu: a, Mul, Int, Jour, 2026; 11(1&2): 68-73.

DOI: https://doi.org/10.24321/2456.0510.202622

References

कोहली, हरबंसलाल, शुद्धि आन्दोलन, दिल्ली, भारतीय हिन्दू शुद्धि सभा, 2007, पृ० 29

भास्कर, डॉ० सुभाष, हिन्दी पत्रकारिता और स्वामी श्रद्धानन्द, दिल्ली, सरस्वती साहित्य संस्था, 2007, पृ० 160

आर्य, डॉ० विवेक, आर्य समाज और शुद्धि आन्दोलन, दिल्ली, भारतीय हिन्दू शुद्धि सभा, 2023, पृ० 22

वही, पृ० 23

वही, पृ० 30

प्रभाकर, विष्णु एवं राकेश, विष्णुदत्त, भारतीय साहित्य के निर्माता स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती, नई दिल्ली साहित्य अकादमी, 1993 पृ० 26

विद्यालंकार, श्री सत्यदेव, स्वामी श्रद्धानन्द, दिल्ली, विजय पुस्तक भण्डार, 1933, पृ० 345

स्वामी, श्रद्धानन्द, हिन्दू संगठन, दिल्ली, विजय पुस्तक भण्डार, 1926, पृ० 67

वही, पृ० 68

वही, पृ० 76

Published

2026-06-12

How to Cite

Kumar, S. ., & Goswami, A. . (2026). भारतीय शुद्धि सभा का भारतीय समाज पर प्रभाव: एक विवेचनात्मक अध्ययन. Anusanadhan: A Multidisciplinary International Journal (In Hindi), 11(1&2), 68-73. Retrieved from https://thejournalshouse.com/index.php/Anusandhan-Hindi-IntlJournal/article/view/2495