भारतीय संस्कृति का वैश्विक प्रभाव: एक अध्ययन
Keywords:
भारतीय संस्कृति, संस्कृति प्रसार, वसुधैव कुटुम्बकम, वैश्विक प्रभाव आदि।Abstract
भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीन एवं समृद्ध संस्कृतियों में से एक है, जिसने अपने ज्ञान, दर्शन, धर्म, कला, साहित्य, विज्ञान और जीवन-मूल्यों के माध्यम से विभिन्न देशों और सभ्यताओं को प्रभावित किया है। “भारतीय संस्कृति का वैश्विक प्रभाव एक अध्ययन” विषय के अंतर्गत भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के अंतरराष्ट्रीय प्रसार एवं उनके प्रभाव का अध्ययन किया गया है। भारत की वसुधैव कुटुम्बकम् अहिंसा, सहिष्णुता, समन्वय और सर्वे भवन्तु सुखिनः जैसी अवधारणाओं ने विश्व को मानवीय एकता एवं शांति का संदेश दिया। बौद्ध धर्म के प्रसार के माध्यम से भारतीय दर्शन चीन, जापान, कोरिया, तिब्बत तथा दक्षिण-पूर्व एशिया तक पहुँचा। योग और आयुर्वेद ने आधुनिक विश्व में भारतीय स्वास्थ्य एवं जीवन-पद्धति की पहचान को व्यापक बनाया है। भारतीय गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा तथा दर्शन ने भी वैश्विक ज्ञान-परंपरा को प्रभावित किया। भारतीय कला, स्थापत्य, संगीत, नृत्य, साहित्य और भाषा का प्रभाव अनेक देशों में दिखाई देता है। आधुनिक समय में योग, ध्यान, भारतीय भोजन, सिनेमा और भारतीय दर्शन के माध्यम से यह प्रभाव और विस्तृत हुआ है। अतः भारतीय संस्कृति का वैश्विक प्रभाव केवल ऐतिहासिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं, बल्कि समकालीन विश्व में भी निरंतर विकसित हो रहा है।
How to cite this article:
अजय कुमार मिश्रा, रामपाल यादव, भारतीय संस्कृति का वैश्विक प्रभाव: एक अध्ययन, Anu: a, Mul, Int, Jour, Vol 11, 2026 (Special Issue 2): Pg. No. 12-17
DOI: https://doi.org/10.24321/2456.0510.202623
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